अमृतसर, 27 फरवरी 2025 – पंजाब भाजपा प्रवक्ता और सिख विचारक प्रो. सरचंद सिंह ख्याला ने 1984 सिख विरोधी दंगों में दोषी पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा को पर्याप्त न मानते हुए कहा कि वह मौत की सजा का हकदार है।
प्रो. ख्याला ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी ने न केवल दंगों के दोषियों को बचाया, बल्कि उन्हें पार्टी और सरकार में महत्वपूर्ण पदों से नवाज़ा।उन्होंने दिल्ली सरकार से मांग की कि सज्जन कुमार को फांसी की सजा दिलाने के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय में अपील दायर की जाए।
उन्होंने कहा कि सज्जन कुमार पहले से ही 2018 के एक मामले में तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा है, और अब उसे सरस्वती विहार हत्याकांड में भी दोषी ठहराया गया है। यह स्पष्ट करता है कि वह 1984 सिख नरसंहार का मास्टरमाइंड था।
प्रो. ख्याला ने दिल्ली पुलिस और केजरीवाल सरकार पर भी गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया, कि कई मामलों में या तो याचिकाएं दायर नहीं की गईं या फिर उन्हें गंभीरता से नहीं लड़ा गया।
उन्होंने चेतावनी दी कि सिख नरसंहार के दोषियों को सजा न मिलना न सिर्फ सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है, बल्कि भारतीय न्याय प्रणाली पर भी प्रश्नचिन्ह लगाता है।
प्रो. ख्याला ने 1984 की घटनाओं को भारतीय लोकतंत्र पर एक काला धब्बा बताया और कहा कि राजनीतिक संरक्षण में हुआ यह नरसंहार मानवता के खिलाफ एक सुनियोजित हमला था।